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Tuesday, 17 March 2020

इंतज़ार....


तेरे एक बार क्या हुए,
किसी और के न हो सके हम,
तुझसे अलग तो हो गए,
लेकिन भूला न सके हम,
होगा आसान तेरे लिए ये दिलों का खेल,
लेकिन एक एक बार जो हमने कह दिया,
तो जुबां से मुकरते नही हम,
चाहे तो आजमा के देख लेना हमे,
तेरे लिए आज भी जान दे देंगे हम,
हो सके तो वापस लौट कर आजा,
तेरे लिए उसी मोड़ पर इंतज़ार कर रहे है हम।
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Monday, 16 March 2020

बेवफा...


नही था कोई शक अपनी काबिलियत पर,
इसलिए जिस ओर चले वो रास्ता हो गया,
पत्थरो को भी इतना पूजा की वो देवता हो गया,
होती खबर तो न प्यार करते उसको,
प्यार इतना दिया कि वो बेवफा हो गया।
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Thursday, 12 March 2020

उदास...


आज एक बार फिर से दिल उदास हुआ,
आंख खुलते ही एक सपना खाक हुआ,
उम्मीदों से सजा कर रखा था घर आंगन,
कश्मकश की आंधी कुछ यूं चली जिसमें पूरा घर बर्बाद हुआ।
आज एक बार फिर..........
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Thursday, 5 March 2020

तन्हाई...


भीड़ है मेरे चारो तरफ फिर भी नही कोई शोर है,
बिना बोले कुछ चली गयी शायद बात कुछ और है,
ज़रूरत पड़ेगी उसे तो फिर वापस वो ज़रूर आएगी,
फिर जब मैं नही पलटूगा वो भी सोचेगी की इसमे किस बात की चौड़ है,
अगर मिलना होगा तो हम सहमति से मिलेंगे,
और अगर है जुदाई लिखी तो प्यार से अलविदा कहेंगे,
फिर मेरी वीरान दीवारों पर तन्हाई के पर्दे झूलेंगे,
किसी और कि भी अगर हो गयी वो......तब भी उसे नही भूलेंगे।
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Wednesday, 4 March 2020

ख़बर...


नही थी ख़बर कि इश्क़ की गलियों में ऐसा बवाल होता हैं,
दो दिल मिले तो लोगो को क्यों सवाल होता है,
अरे हमने भी की थी कुछ इस तरह उससे मोहब्बत,
जैसे सूखे खेतो तो बारिश का इंतजार होता है,
लेकिन जो तूने किया है मेरे साथ ....गर होती ख़बर,
लौट जाते हम भी आधे रास्ते से वापस,
अगर इश्क़ करने वाला तुम्हारी तरह होता है,
नही थी ख़बर की इश्क़ की गलियों में.............
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वक़्त...


किस तरह उसके बिना जीना है,
ये बात मुझे वक़्त ने बता दिया,
गहरी चोटें कोई अपना ही देता है,
ज़िन्दगी के तजुर्बों ने ये भी सिखा दिया,
पास होकर भी दूर है,
ये फासला गलतफहमियों ने बना दिया,
उन चोटों का इलाज नही हो सकता जो किसी अपने ने दी हो,
ये बात मरहम ने मुझे बता दिया।
किस तरह उसके बिना.........
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तेरे एक बार क्या हुए, किसी और के न हो सके हम, तुझसे अलग तो हो गए, लेकिन भूला न सके हम, होगा आसान तेरे लिए ये दिलों का खेल, ले...

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